कैथल जिले में विदक्यार झील पर्यटन का मुख्य केंद्र मानी जाती है, लेकिन अब पर्यटकों ने यहां से मुंह फेर लिया है। अटखेलियां करते विदेशी और स्थानीय पक्षी भी दिखाई नहीं देते। वे भी पलायन करने को मजबूर हैं, क्योंकि इस ऐतिहासिक झील की स्थिति बदहाल है। पानी से बदबू आ रही है और झील में पानी भी बहुत कम है। चारों तरफ गंदगी का आलम है। इसका मुख्य कारण नगर परिषद की तरफ से इसके रखरखाव और सौंदर्यीकरण पर ध्यान न देना है। हजारों की संख्या में आसपास के जिलों से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी 50-60 प्रतिशत तक कम हो गई है। चंडीगढ़ की सुखना लेक की तर्ज पर विकसित की गई ये प्रसिद्ध विदक्यार झील का करीब 15 वर्ष पहले ही पानी को निकाल कर बदला गया था। इसके बाद पानी नहीं बदला गया। नगर परिषद द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जाने के दावों के बावजूद धरातल पर झील की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि अब 42 लाख से झील की बदहाल स्थिति को संवारा जाएगा।