भारतीय किसान यूनियन ने शहर की पुरानी अनाज मंडी में आईसीआईसीआई बैंक के बाहर मंगलवार को अनिश्चतकालीन धरना शुरू कर दिया। आरोप था कि किसानों के खाते से बीमा प्रीमियम राशि काट ली, लेकिन जब बारिश के चलते फसल खराब हुई तो बैंक ने पॉलिसी नंबर नहीं दिया, इसके चलते उन्हें फसल खराबा नहीं मिल पाया। भाकियू हिसार के जिला प्रधान सतेंद्र कोथ, स्टेट कार्यकारिणी सदस्य रणधीर मिलकपुर, जींद से छज्जू राम, रामराजी ढुल, राजेंद्र पहलवान, प्रकाश ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका सुबह से शाम पांच बजे तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। सतेंद्र कोथ ने बताया कि 24 जुलाई 2025 को उनका बीमा प्रीमियम कटा था। इसके बाद 26 अगस्त के आसपास बारिश से उनकी कपास की फसल खराब हो गई तो उन्होंने बीमा कंपनी के दिए टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई, जिस पर उनसे पॉलिसी नंबर मांगा गया। जब वह पॉलिसी नंबर लेने के लिए जींद की आईसीआईसीआई बैंक में आए तो उन्हें टालमटोल करते हुए कुछ दिन का समय दिया। इसके बाद दिसंबर तक उन्हें चक्कर लगवाए गए लेकिन समस्या का समाधान नहीं करवाया। 24 दिसंबर को उन्होंने धरना देने की चेतावनी दी तो जींद प्रशासन ने मध्यस्तता करते हुए 26 जनवरी तक का समय किसानों को दिया। इस बीच डीसी आफिस जींद में डीआरओ और बैंक प्रबंधन के साथ किसानों की बैठक हुई, इसमें भी डीआरओ ने बैंक प्रबंधन को पॉलिसी नंबर देने के लिए कहा। इसके बाद एक फरवरी तक का समय दिया गया। इसके बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों ने शहर थाना पुलिस और बैंक प्रबंधन को ज्ञापन देते हुए अल्टीमेटम दिया कि 16 फरवरी तक उनका समाधान नहीं हुआ तो 17 फरवरी से वह धरना शुरू कर देंगे। अब तक समस्या का समाधान नीं होने पर उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।