बालवाटिका-तीन से कक्षा पांचवीं तक की वार्षिक परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गईं। पहले दिन जिलेभर के सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। शिक्षा विभाग के अनुसार परीक्षा शांतिपूर्ण और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित की गई। पहले दिन बालवाटिका-तीन, कक्षा पहली, दूसरी और तीसरी के विद्यार्थियों की परीक्षाएं आयोजित हुईं। जिले में बालवाटिका-तीन के 4832 बच्चों ने परीक्षा में भाग लिया। वहीं कक्षा पहली के 5653, कक्षा दूसरी के 5071 और कक्षा तीसरी के 5051 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। स्कूलों में परीक्षा के दौरान शिक्षकों द्वारा बच्चों को शांतिपूर्ण माहौल में बैठाकर परीक्षा दिलाई गई। शिक्षा विभाग के अनुसार कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थियों का मूल्यांकन निपुण हरियाणा मिशन के तहत निर्धारित दक्षताओं के आधार पर किया जा रहा है। इन कक्षाओं में लिखित परीक्षा के साथ-साथ मौखिक मूल्यांकन भी किया जाएगा। लिखित परीक्षा में बच्चों की पढ़ने, लिखने और समझने की क्षमता का आकलन किया जा रहा है, जबकि मौखिक परीक्षा के माध्यम से सुनने, बोलने और पढ़ने के कौशल को परखा जाएगा। वहीं बालवाटिका-तीन के विद्यार्थियों के लिए गतिविधि आधारित समग्र मूल्यांकन किया जा रहा है। वर्जन सभी स्कूलों को परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग करवाई गई। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक क्षमता का सटीक आकलन करना है, ताकि उनकी शैक्षणिक नींव को मजबूत कर भविष्य के लिए बेहतर मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।