ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल रखी। हड़ताल के पहले दिन लघु सचिवालय में नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि अगर समय रहते सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो हड़ताल आगे भी जारी रह सकती है। इसकी अध्यक्षता सुनील कुमार व संचालन जिला संदीप कुमार मारौत ने किया।जिला सचिव संदीप कुमार मारौत ने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार बात अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के उत्थान का करती है और सेवा बड़े पूंजीपति और ठेकेदारों की कर रही है। लेबर कोड्स लागू करना इसी कड़ी का हिस्सा हैं। शहरी और ग्रामीण सफाई कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पॉलिसी बनाकर पक्का करने, 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय का आदेश लागू करने, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करने, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26000 और 27000 रुपये वेतन लागू करने, एक्सग्रेसिया नीति बनाने और कर्मचारी की मृत्यु होने पर 50 लाख मुआवजा देने की मांग आदि को लेकर लगातार आंदोलन करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार सफाई कर्मियों की आवाज को अनसुना कर रही है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मार्च 2024 के बजट सत्र में निवर्तमान मुख्यमंत्री ने 1000 की आबादी पर एक ग्रामीण सफाई कर्मचारी की भर्ती करने की घोषणा की थी, जिसको आज तक लागू नहीं किया और 9700 पद ग्रामीण सफाई कर्मियों के खाली पड़े हैं। 24 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री ने 26000 हजार वेतन की घोषणा की, उसके बाद 11 जून 2025 को 2100 रुपये बढ़ोतरी की घोषणा की, जिसे आज तक लागू नहीं किया गया और ना ही 8 दिसंबर की वार्ता की मुताबिक पक्का करने की पॉलिसी बनाने का वादा भी आज तक पूरा नहीं किया।इस अवसर पर सीटू जिला कन्वीनर किरण, सुनील, रामभगत मौजूद रहे।