होली को देखते हुए बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं। बाजार में जगह-जगह रंग-गुलाल और पिचकारी की फड़ लग चुकी हैं। चार मार्च को रंग-बिरंगे गुलाल व पिचकारियों से होली खेली जाएगी। इसे धुलेंडी भी कहा जाता है। लोगों ने इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली है। बाजारों में खरीददारी की खूब भीड़ दिखाई दी। धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं भी सामूहिक रूप से होली मिलन समारोह का आयोजन बड़े स्तर पर कर रही हैं। जिला प्रशासन ने भी लोगों से आग्रह किया है कि वे हर्बल रंगों से ही होली खेलें। केमिकल युक्त रंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। प्रशासन ने लोगों से यह आग्रह भी किया है कि वे पानी से होली न खेलें। इससे जहां पानी की बर्बादी होती है, वहीं पानी के गुब्बारों से आंखों को भी नुकसान पहुंचता है। प्रशासन ने लोगों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि होली आपसी भाईचारे का त्यौहार है।