दुल्हेड़ा गांव स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट एंड रिसर्च(एनआईसीएमएआर) में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन अर्बन बिल्ट एनवायरनमेंट (आईसीयूबीई-2026) का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. विजय गुपचुप और बहादुरगढ़ के डीसीपी मयंक मिश्रा ने किया। डीसीपी ने इस दौरान कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन का अपराध नियंत्रण में अहम योगदान होता है। सुविचारित शहरी योजना और डिजाइन के माध्यम से अपराध की घटनाओं को कम किया जा सकता है। वहीं मुख्यातिथि डॉ. विजय गुपचुप ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले शोध सम्मेलन छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होता है, बल्कि भविष्य में शोध और करियर को नई दिशा भी मिलती है। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे पहले सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में सम्मेलन संयोजक ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. नकुल गुप्ता ने हुए बताया कि सम्मेलन के लिए कुल 220 शोध पत्र प्राप्त हुए, जो वैश्विक स्तर पर इसकी लोकप्रियता को दर्शाते हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश गोयल ने कहा कि एनआईसीएमएआरदिल्ली-एनसीआर के छात्र निर्माण उद्योग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और देश की बड़ी कंपनियां उन्हें प्लेसमेंट में प्राथमिकता दे रही हैं। महानिदेशक डॉ. गांगुली ने निर्माण उद्योग से जुड़े जटिल मुद्दों पर चर्चा करते हुए गुणवत्ता, लागत और समय प्रबंधन की चुनौतियों को रेखांकित किया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सतत कंक्रीट, स्मार्ट सिटी, एआई आधारित निर्माण प्रबंधन, कंस्ट्रक्शन वेस्ट मैनेजमेंट और उन्नत सामग्री तकनीकों पर शोध प्रस्तुत किए गए।