अखिल भारतीय किसान सभा, सीआईटीयू,नौजवान सभा तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने जलभराव से हुए नुकसान पर किसानों को 70 हजार रुपये, खेत मजदूरों के लिए तीन महीने की दिहाड़ी, टूटे मकानों के लिए 10 लाख रुपये देने सहित अन्य मांगाें को लेकर लघु सचिवालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक लघु सचिवालय गेट पर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को देखकर पुलिसकर्मियों ने लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद कर दिए। इस मौके पर किसानों को संबोधित करते हुए कॉमरेड इंद्रजीत सिंह ने कहा कि गांव में हुए जलभराव के बाद पानी निकासी के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण- किसान अपने सामूहिक प्रयास से ही पानी निकाल रहे हैं। यह प्राकृतिक आपदा नहीं प्रशासनिक विफलता के कारण आई बाढ़ थी। अगर समय पर ड्रेनों की सफाई की होती उनका ठीक से ररखाव होता, मानसून सीजन से निपटने के लिए पूरी तैयारी होती तो ऐसे हालात नहीं बनते।