चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर एचएयू के पूर्व वैज्ञानिक प्रो.अर्जुन सिंह राणा ,एडवोकेट हर्षदीप गिल ने कहा कि एचएयू कुलपति को तुरंत पद से हटाया जाए।सोमवार को विश्वविद्यालय के चार नंबर गेट के पास स्थित पास स्थित पार्क में मीडिया से बातचीत में एचएयू में हुए लाठीचार्ज को कमिश्नर अशोक गर्ग की जांच समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कुलपति को पद से बर्खास्त करने की मांग की। रिपोर्ट में मनोज सिवाच से जुड़े छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को भी अनावश्यक और अनुचित करार दिया गया है। जांच अधिकारी अशोक गर्ग ने स्पष्ट किया कि हालात ऐसे नहीं थे कि बल प्रयोग की जरूरत पड़ती। इसके बावजूद छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई। जो आज भी उनके करियर पर असर डाल रही है। डॉ.अर्जुन राणा ने कहा कि मंडल आयुक्त अशोक गर्ग जांच रिपोर्ट में दिव्या कुमारी फोगाट मामले को बेहद गंभीर बताया गया है। रिपोर्ट में होनहार वैज्ञानिक और गोल्ड मेडलिस्ट के साथ प्रमोशन रोकने, सर्विस रिकॉर्ड में प्रतिकूल टिप्पणियां करने और विदेशी दौरों को रद्द करने जैसे कदमों से मानसिक उत्पीड़न मामला माना गया है। रिपोर्ट में विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। कई स्तरों पर अनियमितताएं दर्ज की गई हैं। विश्वविद्यालय में भय और आतंक का माहौल बनाया गया है। रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था, नियुक्तियों और मेडिकल लापरवाही तक पर सवाल उठाए गए हैं। यह भी सामने आया है कि नियमों के विपरीत कुछ पदों पर नियुक्तियां की गईं और कुलपति द्वारा अपने पारिवारिक हितों को लाभ पहुंचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।