छोटी काशी में दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा व अन्नकूट का प्रसाद जगह-जगह वितरित किया गया। इसको लेकर बड़ी संख्या में लोग प्रसाद वितरण कार्यक्रम में पहुंचे तथा कतारें लगाकर अन्नकूट का प्रसाद लेते नजर आएं। इसमें मुख्य तौर पर लस्सी व बेसन से बनने वाली कढ़ी, सब्जी व पुरी का वितरण किया जाता है। इसी कड़ी में भिवानी की राजपूत धर्मशाला में अन्नकूट प्रसाद वितरण कार्यक्रम में भिवानी से विधायक घनश्याम सर्राफ पहुंचे तथा नागरिकों को प्रसाद वितरित किया। गौरतलब होगा कि हर दीपावली से अगले दिन गोवर्धन पर्व व अन्नकूट प्रसाद मनाया जाता है, परंतु इस बार एक दिन लेट बुधवार को को गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट प्रसाद वितरित किया गया। गोवर्धन पूजा में भगवान श्रीकृष्ण गोवर्धन पर्वत व गाय की पूजा का विधान है तथा इसी दिन 56 या 108 भोग का प्रसाद बनाकर भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाया जाता है, जिसे अन्नकूट कहते हैं। धार्मिक कथाओं के अनुसार बृजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से विशाल गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली से उठाकर हजारों जीव-जंतुओं व मनुष्यों के जीवन को देवराज इंद्र के गुस्से से बचाया था तथा भगवान कृष्ण ने देवराज इंद्र के घमंड को गोवर्धन पर्वत उठाकर चूर-चूर करने का काम किया था।