शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वह शस्त्र है जो समाज में समानता और न्याय का मार्ग प्रशस्त करता है। इसी उद्देश्य के साथ शनिवार को कस्बा बवानीखेड़ा स्थित स्वतंत्रता सेनानी स्व. ठाकुर शंभू सिंह राजकीय महिला महाविद्यालय में एनएसयूआई भिवानी के नेतृत्व में फूले एवं आंबेडकर विचार संवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शिक्षा से समता, समता से शक्ति थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और महान समाज सुधारकों की विचारधारा को जीवंत कर दिया। प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने महात्मा ज्योतिबा फुले, माता सावित्रीबाई फुले, डा. भीमराव आंबेडकर, स्वामी विवेकानंद और शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जीवन और उनके सिद्धांतों पर अपने प्रभावशाली विचार रखे। वक्ताओं ने जोर दिया कि आज की पीढ़ी को इन महापुरुषों के संघर्षों से सीख लेकर समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पहुंचे पूर्व छात्र नेता व समाजसेवी कमल प्रधान ने कहा कि जिनके इरादे बुलंद होते हैं, वो कभी झुकते नहीं, इतिहास बनाते हैं। युवा शक्ति ही समाज में परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत है और शिक्षा के माध्यम से ही हम समानता की लड़ाई को जीत सकते हैं। समाजसेवी उमेश भारद्वाज, पूर्व जिला पार्षद सुमन कुंगड़ और महेश मेहता ने सामूहिक रूप से शिक्षा के महत्व पर बल दिया।