जगाधरी गेट पर मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी अंबाला ने एक दिवसीय उपवास रखकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया गया। शहर विधायक निर्मल सिंह ने कहा कि आज देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने पर योजनाबद्ध तरीके से चोट की जा रही है और इसके दुष्परिणाम सबसे पहले गरीब, मजदूर, महिलाएं और युवा झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल एक रोजगार कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की गरिमा का संवैधानिक प्रतीक है। विधायक शैली चौधरी ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है। भाजपा सरकार की नीतियों से आज ग्रामीण बेरोजगारी बढ़ रही है और मजदूर पलायन को मजबूर हैं। कांग्रेस पार्टी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष कर रही है और यह आंदोलन आगे और तेज किया जाएगा। जिलाध्यक्ष अंबाला शहरी एवं ग्रामीण पवन अग्रवाल एवं दुष्यंत राणा ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा है, लेकिन भाजपा सरकार लगातार बजट कटौती, भुगतान में देरी और काम के अवसर सीमित कर इस योजना को समाप्त करने की साजिश कर रही है। इस मौके पर पूर्व विधायक जसबीर मलौर, अशोक मेहता पूर्व सूचना आयुक्त एवं रोहित जैन सदस्य सचिव अनुशासन कमेटी, वीरेंद्र सिंह सोमा ने कहा कि आज महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है, ऐसे समय में मनरेगा जैसी योजना को कमजोर करना अमानवीय है। इस मौके पर पार्षद मिथुन वर्मा अधिवक्ता एवं पार्षद प्रतिनिधि इशू गोयल ने भी संबोधित किया। धरना प्रदर्शन में रोहित शर्मा विशु, नीरज ब्लॉक समिति चेयरमैन, कुलदीप सिंह गुल्लू सेवादल जिला प्रधान, बलजीत सिंह रंगा व अन्य मौजूद रहे।