पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ के पार्टी को अलविदा कहने के साथ ही पंजाब की राजनीति में एक बार फिर से उबाल आ गया है। गौरतलब है कि, कांग्रेस के चिंतन शिविर के दौरान सुनील जाखड़ के पार्टी छोड़ने के एलान पर जहां कांग्रेस ने उन पर निशाना साधा है। वहीं, विरोधी पार्टियों ने उन्हें खराब राजनीति का शिकार बताया। सुनील जाखड़ ने अचानक इस्तीफा देकर न सिर्फ सबको चौंकाया, बल्कि कांग्रेस पर तमाम तरह के आरोप भी लगाए। जाखड़ के इस्तीफे के बाद पंजाब कांगेस के उन सभी दिग्गज नेताओं ने चुप्पी साध ली है, जो सार्वजनिक रूप से समय-समय पर हाईकमान के सामने अपनी बात रखते रहे हैं। ऐसे में पार्टी ने अब अपना पूरा ध्यान पड़ोसी हरियाणा पर केंद्रित कर दिया है जहां नए अध्यक्ष के बाद से बगावती सुर बाहर आने लगे हैं। पंजाब की तरह हरियाणा में भी कांग्रेस इकाई गुटबाजी और कलह से घिरी हुई है, जहां पार्टी के कई दिग्गज नेता कांग्रेस से नराज बताएं जा रहे हैं।