गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का मानना है कि बड़े नेताओं की अनुपस्थिति में बड़ी रैलियां आयोजित न करने के बाद भी कांग्रेस का चुनावी अभियान निचले स्तर पर काफी तेजी के साथ चल रहा है। विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के बीच वह लगातार पैठ बना रही है। कांग्रेस ने एक रणनीति के अंतर्गत गुजरात के सभी लोकसभा क्षेत्रों के लिए विशेष प्रभारियों की नियुक्ति कर इसी रणनीति को आगे बढ़ाया था। जुलाई में प्रदेश में पार्टी में सात कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर भी हर समुदाय और हर वर्ग को साधने की कोशिश की गई थी।