महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय पैथोलॉजी लैब में अब बहुत कम समय में 50 से अधिक प्रकार की जांच की जा सकती हैं अब आधुनिक मशीनों से क्षमता में वृद्धि हुई है। यहां बता दें कि आयुष विश्वविद्यालय के लैब टेक्नीशियन संजीव कुमार त्रिपाठी ने बताया है कि अब नई फुली ऑटोमेटिक मशीन में एक साथ 50 सैंपल लगाया जा सकते हैं और तीन से चार मिनट के भीतर सभी सैंपल की रिपोर्ट मिल जाती है इसीलिए अब रोगियों को घंटे इंतजार नहीं करना पड़ेगा । जिससे उन्हें काफी राहत मिली है । विश्व विश्वविद्यालय में लगातार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है क्लीनिकल एथिटकल कमेटी की मान्यता प्राप्त कर अनुसंधान शुरू की शुरुआत , आईपीडी ,में रोगियों को भर्ती कर इलाज और आधुनिक मशीनों से युक्त ऑपरेशन थिएटर में शल्य चिकित्सक चिकित्सा का शुभारंभ पहले हो चुका है अब रोग निदान एवं विकृत विज्ञान (पैथोलॉजी) में ऑटोमेटिक मशीन से जांच शुरू होने , सुविधाओं का इजाफा हुआ है।