बैंजो के डायरेक्टर रवि जाधव इस फिल्म के जरिए जितनी प्रतिभा वह दिखा सकते थे, दिखाई। कहानी के केंद्र में संगीत होने के बावजूद फिल्म के गीत- संगीत में बहुत नयापन नहीं है। मुंबई से बाहर फिल्म को पसंद कि जाने की गुंजाइश कम है। एक तरफ जहां पिंक के असर में बात हो रही है कि स्त्री की ना का मतलब ना होता है, बैंजो का खलनायक कहता हैः औरत की ना का मतलब हां होता है। इस मौसम में बहुतों को यह बात भी अच्छी नहीं लगेगी। आइये जानते हैं दर्शकों को कैसी लगी यह फिल्म...