राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर पूर्व और पश्चिम के कई इलाकों में पानी की अनियमित आपूर्ति के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए बोतलबंद जल पर निर्भर होना पड़ रहा है। हालात यह है कि हर महीने परिवारों के बजट का एक बड़ा हिस्सा केवल पीने के पानी पर खर्च हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में पानी बेचने वाले अलग-अलग विक्रेता अपनी सुविधा के अनुसार कीमतें तय कर रहे हैं। कहीं एक डिब्बा पानी 30 रुपये में मिल रहा है तो कहीं 40 और 50 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा डिलीवरी शुल्क और अन्य अतिरिक्त चार्ज भी अलग से लिए जा रहे हैं। निवासियों का कहना है कि कुछ विक्रेता पानी के टीडीएस (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स) स्तर में अंतर का हवाला देकर कीमतों में अंतर को सही ठहराते हैं। हालांकि उपभोक्ताओं का आरोप है कि अधिकांश लोगों को टीडीएस की जानकारी नहीं होती, जिससे वे भ्रमित हो जाते हैं और अधिक कीमत चुकाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। दुकानदारों के पास टीडीएस की जांच करने के लिए कोई उपकरण भी उपलब्ध नहीं है। पानी खरीदने वालों की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती। पानी का डिब्बा लेने के लिए उपभोक्ताओं से प्रति डिब्बा करीब 250 रुपये तक सुरक्षा राशि (डिपॉजिट) भी जमा कराई जाती है। इसके अलावा कई विक्रेता डिलीवरी शुल्क के साथ साथ प्रत्येक मंजिल पर पानी पहुंचाने के लिए पांच रुपये प्रति फ्लोर के हिसाब से अतिरिक्त चार्ज वसूल रहे हैं। लोगों ने संबंधित विभाग से जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार करने और बोतलबंद पानी की कीमतों पर निगरानी रखने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।