दिल्ली में सेमेस्टर अवे प्रोग्राम की तैयारी, विदेश में एक सेमेस्टर पढ़ने, रिसर्च का मिलेगा मौका, इस प्रोग्राम को शुरू करने का प्रस्ताव 15 अप्रैल को होने वाली अकादमिक कॉउंसिल की बैठक में लाया जा रहा है। यहां से पास होने के बाद इसे कार्यकारी परिषद में रखा जाएगा। इस प्रोग्राम के तहत छात्र अपने पाठ्यक्रम का एक हिस्सा भारत मे और एक हिस्सा विदेशी संस्थान में पूरा कर सकते हैं। उच्च शिक्षा संस्थान में सेमेस्टर अवे का विकल्प चुनने की अनुमति केवल तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर में दी जाएगी। वैश्विक अनुभव को बढ़ाने के उद्देश्य से डीयू अंडर ग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क 20222 के तहत इस प्रस्ताव को लेकर आ रहा है। हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर शिक्षकों का विरोध भी शुरू हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि इससे क्रेडिट तो ट्रांसफर हो जाएंगे लेकिन ग्रेड ट्रांसफर नही होंगे। वहीं छात्रों पर वितीय भार भी बढ़ेगा।