देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एम्स, नई दिल्ली में सर्जरी कराने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी के अनुसार, कई विभागों में ऑपरेशन की तारीख मिलने में हफ्तों से लेकर महीनों और कुछ मामलों में ढाई साल तक का समय लग रहा है। ऐसे में, आरटीआई के जवाब के अनुसार, सबसे अधिक इंतजार ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग) विभाग में है। यहां पहले से तय सर्जरी (इलेक्टिव सर्जरी) के लिए मरीजों को तीन महीने से लेकर ढाई साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, अस्पताल ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना या अन्य गंभीर स्थिति वाले इमरजेंसी मरीजों का इलाज तुरंत किया जाता है और उन्हें इंतजार नहीं करना पड़ता। गायनेकोलॉजिक, ऑन्कोलॉजी विभाग में भी अलग-अलग तरह की सर्जरी के लिए तीन से पांच महीने तक की वेटिंग है। वहीं, प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव और बर्न्स सर्जरी विभाग में सामान्य मामलों के लिए दो से छह सप्ताह तक का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि गंभीर जलने और अन्य आपातकालीन मामलों में तत्काल इलाज किया जाता है। यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब पिछले कुछ वर्षों में एम्स, दिल्ली के कई वरिष्ठ डॉक्टर और विभागाध्यक्ष संस्थान छोड़ चुके हैं। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 से 2024 के बीच देश के विभिन्न एम्स संस्थानों से 429 फैकल्टी सदस्यों ने इस्तीफा दिया, जिनमें सबसे अधिक इस्तीफे एम्स दिल्ली से हुए। ऐसे में, डॉक्टरों की कमी और मरीजों की बढ़ती संख्या का असर सर्जरी की वेटिंग लिस्ट पर भी दिखाई दे रहा है।