अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पार्किंसन रोग के इलाज के लिए एक नई और आधुनिक तकनीक शुरू होने वाली है। यह तकनीक बिना किसी सर्जरी या चीरे के कंपकंपी (ट्रिमर) या हाथ-पैरों की अकड़न जैसे लक्षणों का इलाज करने में सक्षम मानी जा रही है। इस तकनीक का नाम मैग्नेटिक रेजोनेंस-गाइडेड फोकस्ड अल्ट्रासाउंड (एमआरजीएफयूएस) है। यह इलाज पूरी तरह बिना चीरे और ऑपरेशन के किया जाता है। मरीज को एमआरआई मशीन के अंदर लिटाया जाता है। सैकड़ों अल्ट्रासाउंड की तरंगें एक जगह पर फोकस करके मस्तिष्क के छोटे-से हिस्से को गर्म करती है। इससे कंपकंपी पर काबू पाया जा सकता है। पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज जागता रहता है और डॉक्टर तुरंत देख सकते हैं कि इलाज काम कर रहा है या नहीं।