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दिल्ली: आईजीआई एयरपोर्ट का जल निकासी सिस्टम होगा अपग्रेड, यात्रियों को नहीं होगी परेशानी

Rahul Kumar Tiwari Updated Sun, 19 Apr 2026 10:47 PM IST

नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट पर मानसून के दौरान रनवे, टैक्सीवे और ऑपरेशनल एरिया में पानी नहीं भरेगा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने आग लगने जैसी आपात स्थितियों और वर्षा के जलभराव से उड़ानों पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए एयरसाइड क्षेत्र के फायर सिस्टम और ड्रेनेज नेटवर्क के व्यापक अपग्रेडेशन की योजना बनाई है। इससे एयरपोर्ट की सुरक्षा-व्यवस्था बेहतर होगी और यात्रियों को फ्लाइट देरी की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी। फायर पंप हाउस आपातकालीन स्थिति में तुरंत पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं, जिससे आग पर तेजी से काबू पाया जा सके। इसी को ध्यान में रखते हुए एयरसाइड क्षेत्र में मौजूद विभिन्न फायर पंप हाउस का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अलावा एयरसाइड ड्रेनेज नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है। रनवे, टैक्सीवे और अन्य ऑपरेशनल क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था सुचारु रहना बेहद जरूरी होता है। विशेषकर मानसून के दौरान पानी जमा होने से उड़ानों के संचालन पर असर पड़ सकता है, जिससे देरी और रद्दीकरण जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इससे निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम का नियमित निरीक्षण और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा। इसके तहत ड्रेनेज लाइनों की सफाई, मरम्मत और जरूरत के अनुसार अपग्रेडेशन किया जाएगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। बता दें कि आईजीआई भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट है, जो दुनिया भर के 150 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन से जुड़ चुका है। इसमें भारत के कई शहरों के साथ-साथ एशिया, यूरोप, अमेरिका और अन्य क्षेत्रों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शहर शामिल हैं। यहां से प्रतिदिन औसतन 1,400-1,500 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने संचालित होती हैं। यह सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, जहां रोजाना लगभग 2 लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।

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