नूंह में मालब गांव के आर्य समाज मंदिर समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा का धार्मिक आयोजन मंगलवार को श्रद्धा और उत्साह के बीच संपन्न होगा। समिति के अनुसार यह आयोजन शुक्रवार 27 मार्च से शुरू हुआ था, जिसमें प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक कथा वाचन तथा सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक हवन और प्रवचन का कार्यक्रम रखा गया। गांव मालब में पहली बार हो रहे इस धार्मिक आयोजन को लेकर न केवल स्थानीय ग्रामीणों, बल्कि आकेड़ा, दिहाना, बीरसिका और आसपास के कई गांवों के लोगों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन शाम को पैदल चलकर कथा सुनने मालब पहुंच रहे हैं और समापन के बाद देर रात अपने-अपने घर लौटते हैं। महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिनकी संख्या सबसे अधिक देखी गई। आयोजन समिति और आर्य समाज के प्रधान राजेश आर्य ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि गांव में पहली बार इस स्तर पर आयोजित हो रही श्रीराम कथा ने क्षेत्र में धार्मिक माहौल को और अधिक मजबूत किया है। प्रसिद्ध कथा वाचक वैदिक विदुषी अंजली आर्या द्वारा श्रीराम कथा का भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है। अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने जीवनभर मर्यादा, सत्य और आदर्शों का पालन किया। उन्होंने यह भी कहा कि जब धर्म और अधर्म का संघर्ष सामने आया, तब श्रीराम ने धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने में भी संकोच नहीं किया।