भारत सरकार की ओर से संचालित सेक्टर-1 स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण केंद्र में सोमवार से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा बैच शुरू हो गया है। इस बैच में महिलाओं और पुरुषों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिभागियों को प्रतिदिन 500 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। संस्थान की निदेशक शशि माथुर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रतिभागियों को सिलाई-कढ़ाई और इससे जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कोर्स पूरा करने के बाद प्रशिक्षण केंद्र की ओर से सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और 15 हजार रुपये की किट दी जाएगी। इस किट में सिलाई से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण होंगे, जो प्रशिक्षुओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के जरिए वे न केवल अपने व्यवसाय को बढ़ावा दे सकेंगे, बल्कि स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त कर सकेंगे।