सिटी बसों को शुरू तो कर दिया गया लेकिन उनके लिए पर्याप्त चार्जिंग प्वांइट नहीं बनाए गए। 110 बसों को का संचालन किया जा रहा है और चार्जिंग प्वाइंट फिलहाल दस ही बनाए गए हैं। इस वजह से बसों के संचालन का संतुलन बिगड़ गया है। मंगलवार की दोपहर तीन बजे हालत ऐसी थी कि नोएडा के मोरना बस डिपो पर बीस से ज्यादा बसें चार्जिंग के लिए खड़ी थीं। कई बसें सुबह ग्यारह बजे से डिपो पर अपने चार्जिंग की बारी का इंतजार में खड़ी रहीं। डिपो पर पांच चार्जिंग प्वाइंट होने के कारण नंबर आने में देरी हो रही है। नंबर आने में पांच से छह घंटे तक लग रहे हैं। इन कारणों से बसें सड़कों पर कम और डिपो पर ज्यादा समय बिता रही हैं। शहरवासियों को भी इनका लाभ कम मिल रहा है।