ग्रेटर नोएडा। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जनपद में अब तक केवल 40 प्रतिशत दाखिले स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर हो पाएं हैं। यह हाल तब है जब जिलाधिकारी मेधा रुपम में स्कूलों के साथ बैठक करने 20 मार्च तक दाखिले करने के निर्देश दिए थे। 20 अप्रैल बीत जाने के बाद भी जनपद के स्थिति बेहद चिंताजनक है। हाल ही में टॉप टेन जनपदों की सूची परियोजना से जारी हुई है,जिसमें गौतमबुद्ध नगर शामिल नहीं है। जनपद से जुड़ा जिला गाजियाबाद ने जगह बनाई है। स्कूलों की आनाकानी अभिभावकों को आरटीई से दूर कर रही है। जबकि शासन की प्राथमिकता में आरटीई है। उसके बाद भी बीएसए विभाग इसको गंभीरता से नहीं ले रहा है।