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अमर उजाला संवाद: सेक्टर की सड़कों पर ट्रकों का कब्जा, निकलना हुआ मुश्किल, उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को उठाया

Vijay Singh Pundir Updated Wed, 10 Jun 2026 04:58 PM IST

औद्योगिक सेक्टर उद्योग विहार एक्सटेंशन इकोटेक-2 में बुधवार को अमर उजाला उद्यमी संवाद का आयोजन हुआ। जहां उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को उठाया। यहां के उद्यमी सबसे ज्यादा सड़कों पर खड़े ट्रकों से परेशान है। उनका कहना है कि एक बड़ी कंपनी के ट्रकों ने सेक्टर की मुख्य सड़कों को पार्किंग बना डाला है। निकलना भी मुश्लिक हो गया है। बार-बार शिकायत के बाद भी पुलिस और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

उद्यमियों ने बताया कि सेक्टर में 250 से अधिक कंपनियां है। इनमें 3 से 4 कंपनियां बढ़ी है। बाकी छोटी- छोटी कंपनियां है। जो समस्याओं के बीच कारोबार चलाने को मजबूर है। सेक्टर की सड़कों पर बड़े-बड़े ट्रक खड़े रहते हैं। हर समय 200 से अधिक ट्रक खड़ रहते है। मुख्य सड़क के दोनों तरफ 3 से 4 लेन में ट्रकों की लाइन लगी होती है। ट्रकों को कंपनियों के बाहर खड़ा कर दिया जाता है। इस कारण छोटी कंपनियों में माल आना या कर्मचारियों का आना मुश्किल हो जाता है। कई बार 2 किमी की सड़क को पार करने में 30 मिनट तक लग जाते है। ट्रक चालक उद्योगों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों से बदतमीजी करते है। डीएम से लेकर पुलिस और प्राधिकरण से शिकायत की गई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। यातायात पुलिस भी इन पर कार्रवाई नहीं करती है।

इसके अलावा यहां पर कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं है। कंपनियों से निकलने वाले कूड़े को सफाई कर्मचारी नहीं ले जाते है। बार बार शिकायत के बाद भी प्राधिकरण संज्ञान नहीं ले रहा है। पानी की लाइन और कनेक्शन भी है, लेकिन लीकेज के कारण पिछले 4 साल से पानी नहीं आया है। परिवहन की कोई सुविधा नहीं है। सार्वजनिक परिवहन नहीं होने से कर्मचारी उद्योगों तक नहीं पहुंच पा रहे है। इस कारण मजदूरों की कमी रहती है। निजी ऑटो व अन्य वाहनों से भी सेक्टर दूर है। सरकार की तरफ से उद्योगों के लिए विभिन्न योजनाएं चल रही है। उनकी जानकारी तक नहीं दी जाती है। सेक्टरों में भी इसका प्रचार प्रसार होना चाहिए।

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