कृत्रिम पैर अब दिव्यांगता के साथ सुरक्षा को भी ध्यान में रखेगा। इस कृत्रिम पैर को बनाने वाले एमआईटी मेरठ में बीटेक फाइनल वर्ष के छात्र प्रखर औस्तीन मोहन ने बताया कि दिव्यांग लोगों की दिव्यांगता के साथ उनकी सुरक्षा को भी ध्यान में रखते हुए बनाया है। इस पैर को बनाने के दौरान एक जीपीएस के साथ डिवाइस का उपयोग किया गया है कि अगर उस व्यक्ति के साथ कोई हादसा होता है तो उसकी जानकारी परिजनों तक पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि हंगरी देश से प्रस्ताव मिला है।