फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रेटर नोएडा में अमर उजाला संवाद: उद्यमियों ने कहा- मूलभूत सुविधा का अभाव, काम कराना हो गया बेहद मुश्किल

अनुज कुमार Updated Wed, 01 Apr 2026 11:07 PM IST

औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-3 के उद्योग केंद्र वन में पानी आपूर्ति की पाइपलाइन नहीं है, लेकिन वहां के उद्यमियों के बिल का मीटर लगातार चालू है। हर साल उनके भूखंड की फाइल में पानी बिल बकाया जुड़ जाता है। बिल जमा नहीं करने पर उद्यमियों को डिफॉल्टर कर दिया जाता है। जो अन्य काम में अड़चन बन रहा है। उद्यमियों का कहना है कि 25 साल से प्राधिकरण यहां पर पानी नहीं पहुंचा पाया है। पानी नहीं होने से काफी उद्योग बंद हो चुके हैं। बुधवार को इकोटेक-3 के उद्योग केंद्र वन में आयोजित अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को रखा। उद्यमियों ने कहा कि पिछले साल नवंबर में प्राधिकरण की तरफ से सेक्टर में शिविर लगाया गया। वहां 50 से अधिक उद्यमियों ने बिना कनेक्शन के बिल भेजने की शिकायत की। शिकायत पत्र लेकर बकाया को हटाने का वादा किया गया, लेकिन छह माह बाद भी कुछ नहीं हुआ है। कई भूखंड कूड़ा घर बन गए है। साफ सफाई की व्यवस्था नहीं है। ड्रेनेज सिस्टम खराब है। पानी निकासी नहीं होने से सड़कों पर जलभराव रहता है। अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। सार्वजनिक यातायात की व्यवस्था नहीं है। सेक्टर में श्रमिकों के लिए भी कोई सुविधा नहीं है। ग्रेटर नोएडा में भी ईएसआई अस्पताल होना चाहिए। प्राधिकरण में सिंगल विंडो सिस्टम नहीं है। अगर कुछ काम कराना है तो 10 से 15 बार चक्कर लगाने होते है। भ्रष्टाचार फैला हुआ है। स्ट्रीट लाइटें शुरू नहीं हो सकी है। पेड़ों की छटाई और पार्कों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क किनारे पटरी कच्ची होने के कारण धूल उड़ती रही है।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें