मुझेड़ी स्थित आईपीएल कंपनी के फॉर्म हाउस पर बृहस्पतिवार को अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान उद्योगपतियों ने श्रमिकों की कमी, कूड़े की समस्या और अवैध उद्योगों की समस्या के बारे में बताया। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इन समस्याओं का समाधान किया जाएं। संवाद में मौजूद मुझेड़ी के उद्योगपतियों ने बताया कि यहां पिछले पांच वर्षों में लगभग 80 यूनिट नई शुरू हुई है लेकिन सभी कंपनियां अवैध क्षेत्र में आती है। इस संबंध में सरकार से उद्योगपतियों ने कोई वैध जगह देने की भी मांग की थी लेकिन सरकार के पास उद्योगों को देने के लिए कोई वैध जमीन नहीं है। दूसरा सरकार उद्योगों से संबंधित जब भी कोई योजना बनाती है। उसका लाभ केवल बड़े उद्योगपतियों को ही मिलता है छोटे उद्योगों के लिए कोई योजना नहीं है। मुझेड़ी के औद्योगिक क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। यहां सड़क पर ही कूड़े के ढेर लगे हुए है। यहां से उतने वाली दुर्गंध सबसे बड़ी दिक्कत बनी हुई है। इस समय छोटे उद्योग श्रमिकों की कमी से जूझ रहा है। इन उद्योगों में कैंटीन तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। बिजली और पानी की समस्या भी बराबर बनी रहती है। कूड़े की समस्या के लिए स्थानीय निकाय मंत्री से भी उद्योगपतियों ने गुहार लगाई है। उन्होंने तीन माह में कूड़ा निस्तारण को लेकर नया टेंडर जारी कर समस्या के समाधान का आश्वासन ही दिया है।