18 साल की उम्र में पहला टेस्ट मैच खेलना और शतक जड़ना कोई आम बात नहीं है। ऐसा करके पृथ्वी शॉ एक एलीट क्लब में शामिल हो गए हैं। चारों तरफ पृथ्वी की वाहवाही हो रही है, लोगों को इनमें सचिन की झलक दिख रही है लेकिन आपको बता दें पृथ्वी शॉ की जिंदगी के ये 18 साल काफी संघर्षपूर्ण रहे हैं।