वर्ष 2003 के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो की अपील स्वीकार कर ली। इसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को बरी करने का ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी ठहराया है। उन्हें 6 अप्रैल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त छह माह के सश्रम कारावास की सजा दी जाएगी। हाईकोर्ट का यह निर्णय 31 मई 2007 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को पूरी तरह से पलट दिया है।