छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने आज महासमुंद का दौरा किया। उन्होंने सर्किट हाउस में स्थानीय उद्योग के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
मिश्रा ने बताया कि देश की आबादी का लगभग 45 फीसदी हिस्सा असंगठित मजदूरों का है। इन मजदूरों के कल्याण के लिए केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की विष्णुदेव साय सरकार कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं चला रही हैं। छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल उन कारखानों और दुकानों के लिए काम करता है, जहां नौ या नौ से अधिक लोग कार्यरत हैं। यह मंडल ऐसे श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़ भवन सह निर्माण कर्मकार मंडल की 33 योजनाएं संचालित हैं। वेलफेयर बोर्ड असंगठित मजदूरों के लिए तीन दर्जन से ज्यादा योजनाएं चलाता है। इन सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य मजदूरों का कल्याण सुनिश्चित करना है।
योगेश दत्त मिश्रा ने असंगठित मजदूरों की बड़ी संख्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि देश की लगभग 45 फीसदी आबादी इसी वर्ग से आती है। इन मजदूरों का सामाजिक और आर्थिक उत्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकारें इनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
केंद्र और राज्य सरकारें असंगठित मजदूरों के लिए अनेक जन कल्याण योजनाएं चला रही हैं। छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल नौ या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर ध्यान केंद्रित करता है। छत्तीसगढ़ भवन सह निर्माण कर्मकार मंडल 33 योजनाएं संचालित कर रहा है। वेलफेयर बोर्ड भी तीन दर्जन से अधिक योजनाएं चलाता है, जिनका लक्ष्य मजदूरों का समग्र कल्याण है।