छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में आज आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का गुस्सा सड़कों पर नजर आया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में जिलेभर से पहुंचीं कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। दो दिनों से जारी प्रदर्शन आज उस वक्त उग्र हो गया जब कलेक्ट्रेट घेराव करने पहुंचे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झूमा-झटकी की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने शासकीय कर्मचारी घोषित करने, कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये और सहायिकाओं को 22 हजार 100 रुपये प्रतिमाह स्वीकृत करने की मांग रखी। साथ ही ग्रेच्युटी, मासिक पेंशन और समूह बीमा का लाभ दिए जाने की भी मांग की गई। कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी देखने को मिली। हालांकि बाद में सभी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कलेक्ट्रेट के सामने ही धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी कलेक्टर को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास के केंद्रीय मंत्री व मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 09 मार्च को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपनी मांगों पर अड़ी हुई हैं। अब देखना होगा कि शासन उनकी मांगों पर क्या फैसला लेता है।