सोनम वांगचुक के नेतृत्व में दिल्ली में शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन की गूंज छत्तीसगढ़ के कवर्धा तक सुनाई दी। कबीरधाम जिले के जागरूक छात्रों और नागरिकों ने आज राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने वांगचुक के आंदोलन का समर्थन जताया।
ज्ञापन में देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की गई। नीट परीक्षा में पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी शामिल थी। पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री व प्रधानमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की गई। ज्ञापन में कहा गया कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्रों ने मांग की कि नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के सभी दोषियों को कड़ी सजा मिले। उन्होंने यह भी मांग की कि पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण मानसिक तनाव में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को सरकार 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दे। सरकार को इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा और पर्यावरण जैसे जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे लोगों की आवाज दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार देता है, जिसका सम्मान होना चाहिए।
राष्ट्रपति से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की गई। केंद्र सरकार को छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने के निर्देश देने की अपील की गई। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की गई।