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‘जूतों ने काटा’ तो बन गए कवि, दिल्ली में युवा साहित्यकारों का दर्द-ए-दिल

हिमांशु शुक्ल, अमर उजाला/ नई दिल्ली Updated Tue, 15 Nov 2016 11:18 PM IST

दिल्ली के इंडिया इंटरनेशल सेंटर में जुटे देश भर से आए 60 युवा कवि और लेखक। कार्यक्रम का आयोजन रजा फाउंडेशन के साथ कृष्णा सोबती शिवनाथ ने किया था। इस संगोष्ठी में ‘कविता, भाषा और बहुलता’ विषय पर चर्चा हुई। अशोक वाजपेयी जैसे वरिष्ठ साहित्यकार की मौजूदगी में कवियों और लेखकों ने अपने काम की चर्चा की। कुछ ने खुद को 29 साल का बूढ़ा और अशोक वाजपेयी को 75 साल का जवान बताया तो, कुछ को याद आई उस जूते की जो अक्सर उनके पांव में काट लेता है।

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