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Satta Ka Sangram: हर जुबान पर एक ही सवाल-इस बार बिहार की सत्ता किसके हाथ जाएगी | Bihar Assembly Elections 2025

मुंगेर की धरती इन दिनों धान की खुशबू के साथ सियासत की गर्मी से भी तप रही है। गलियों में चुनावी चर्चाओं का शोर है, चौपालों पर बहसें तेज हैं, और हर जुबान पर एक ही सवाल, “इस बार बिहार की सत्ता किसके हाथ जाएगी?” जब अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ मुंगेर पहुंचा, तो लगा मानो लोकतंत्र की धड़कन यहीं सबसे जोर से सुनाई दे रही हो, कहीं उम्मीदों की आवाज, कहीं नारों की गूंज, और बीच में जनता की वो राय जो आने वाले बिहार का भविष्य तय करने वाली है। स्थानीय निवासी श्रवण कुमार ने कहा, “राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही मुंगेर के साथ दुर्व्यवहार कर रही हैं। यहां बंदूक फैक्ट्री थी, वो भी अब बंद पड़ी है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी भी पिछले 7 साल से बंद है, जबकि उसका निर्माण पूरा हो चुका था। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।” प्रदीप कुमार ने कहा, “हम लालटेन (राजद) को समर्थन दे रहे हैं क्योंकि मौजूदा सरकार युवाओं को नौकरी नहीं दे रही है। इसलिए हम बदलाव चाहते हैं।” राहुल कुमार ने कहा, “मुंगेर में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। यहां से लोग रोज़गार की तलाश में पलायन कर रहे हैं। हम उसी को वोट देंगे जो पलायन रोकने का काम करेगा।” राज नंदन ने कहा, “हम जनसुराज का समर्थन कर रहे हैं। हम एक नई सोच और नई सरकार चाहते हैं। जनसुराज एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है।” पंकज कुमार ने कहा, “तेजस्वी यादव ने अपने 17 महीने के कार्यकाल में अच्छा काम किया था। हमें भरोसा है कि वह फिर से वही काम कर सकते हैं। इस बार युवा पूरी तरह से तेजस्वी के साथ हैं।” रणबीर कुमार ने कहा, “तेजस्वी यादव ने 17 महीने में वो काम किए हैं जो नीतीश कुमार भी नहीं कर पाए। अगर तेजस्वी अगले 5 साल में अपने वादे पूरे नहीं करेंगे, तो हम उन्हें भी बदल देंगे।” मुकेश कुमार ने कहा, “हम तेजस्वी यादव को समर्थन दे रहे हैं क्योंकि युवाओं को नौकरी चाहिए। उन्होंने पहले भी नौकरियां दी थीं और आगे भी देने का वादा किया है।”

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