दरभंगा के महाराज कामेश्वर सिंह की अंतिम पत्नी और उनकी तीसरी महारानी, महारानी कामसुंदरी देवी का निधन बीती रात कल्याणी निवास में हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही दरभंगा सहित मधुबनी और आसपास के क्षेत्रों में राजपरिवार के सदस्य कल्याणी निवास पहुंचे। पूरा मिथिला क्षेत्र महारानी के निधन से गहरे शोक में डूबा है।
महारानी कामसुंदरी देवी के अंतिम संस्कार और मुखाग्नि को लेकर परिवार में सस्पेंस बना हुआ है। एक तरफ महाराज कामेश्वर सिंह के रिश्ते में भतीजे रत्नेश्वर सिंह दावा कर रहे हैं कि वह ही मुखाग्नि देंगे, जबकि दूसरी तरफ महारानी के पोते युवराज कपिलेश्वर सिंह भी मुखाग्नि देने का अधिकार जताते हैं। फिलहाल युवराज कपिलेश्वर सिंह दिल्ली में हैं। दादी के निधन की सूचना मिलते ही वह दरभंगा के लिए निकल पड़े हैं और दोपहर तक उनकी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने महारानी के निधन पर सोशल मीडिया के माध्यम से दुख जताया है। केंद्रीय मंत्री, उद्योग विभाग एवं पथ निर्माण विभाग मंत्री संजय जायसवाल आज दोपहर बाद महारानी का अंतिम दर्शन करने कल्याणी निवास पहुंचेंगे। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी ने महारानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज परिवार के एक युग का अंत हो गया है।
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रत्नेश्वर सिंह ने बताया कि श्यामा माई मंदिर परिसर के माधेश्वर मंदिर परिसर में महारानी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह खुद ही, पोते होने के नाते, महारानी का अंतिम संस्कार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राजेश्वर सिंह अमेरिका में हैं, जबकि कपिलेश्वर सिंह दिल्ली में हैं। उन्हें दादी के निधन की सूचना मिल चुकी है और वह दरभंगा के लिए निकल चुके हैं। उन्होंने अंतिम संस्कार की तारीख पर कहा कि यह तब तय होगा जब परिवार के सभी सदस्य एकत्र हो जाएंगे।