डेढ़ माह से जोखिमभरी बनी हुई है आवाजाही
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे फूलचट्टी के पास करीब डेढ़ माह पूर्व हुए भू-धंसाव के कारण आवागमन अभी भी जोखिमभरा बना है। हाईवे खराब होने से वाहन यहां से आगे नहीं जा पा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को फूलचट्टी से ही पैदल व घोड़े-खच्चरों से अतिरिक्त तीन किमी की आवाजाही करनी पड़ रही है।
भूस्खलन एवं भू-धंसाव के कारण खराब हो रही सड़कों की स्थिति से यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। लंबी मशक्कत के बाद बरसात में खराब पड़ी सड़कों को किसी तरह दुरुस्त कर आवाजाही लायक बनाई तो गई है लेकिन भू-धंसाव अभी भी रुक नहीं रहा है।
यमुनोत्री यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्री किसी तरह पालीगा से छोटे वाहनों से फूलचट्टी तक तो हिचकोले खाकर पहुंच तो रहे हैं लेकिन उसके बाद फूलचट्टी में मार्ग के खराब होने के कारण उससे आगे वाहन नहीं जा रहे हैं। इससे तीर्थयात्रियों को फूलचट्टी से ही खोड़े-खच्चरों से या फिर पैदल ही जाना पड़ रहा है जबकि सड़क को ठीक कर जानकीचट्टी तक वाहनों की आवाजाही हो सकती है।
स्थानीय निवासी प्यारे लाल उनियाल ने बताया कि फूलचट्टी के पास सड़क धंसने से जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड से खराब पड़े मार्ग को शीघ्र ठीक करने की मांग की है। इधर एनएच के ईई मनोज रावत ने कहा कि -भू-धंसाव के कारण यह स्थिति हो रही है इसे दोबारा दुरुस्त किया जा रहा है।