फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UK: पदक की चाह में नसों में नशा घोल रहे खिलाड़ी, इस स्टेडियम के शौचालयों में पड़ी मिली प्रयोग की गई सिरिंज

Sat, 13 Dec 2025 02:25 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, काशीपुर

सार

खिलाड़ियों की ओर से प्रदर्शन बढ़ाने के लिए डोपिंग का उपयोग बढ़ रहा है, जिसकी पुष्टि काशीपुर स्टेडियम के शौचालयों में पड़ी सुइयों और शीशियों से हो रही है।
Register For Event
विज्ञापन
काशीपुर स्टेडियम के शौचालय के फ्लश पर पड़ी सिरिंज। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पदक हासिल करने की चाहत में खिलाड़ी डोपिंग का सहारा ले रहे हैं। वह इंजेक्शन और स्टेरॉयड की मदद से ताकत बढ़ाने में जुटे हैं। इस बात की सच्चाई स्टेडियम के शौचालय में प्रयोग की गई सिरिंज और इंजेक्शन की खाली शीशी बयां कर रही है। पूर्व में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं लेकिन जिम्मेदार इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। डोपिंग का मकड़जाल भारत में ही नहीं पूरे विश्व भर में फैला है और इसके चंगुल में दिग्गज खिलाड़ी तक फंस चुके हैं। ऐसे में स्टेडियम में स्टेरॉयड के इंजेक्शन मिलना खेल जगत के लिए भयावह स्थिति है। जिम्मेदार इस पर नजर नहीं डाल रहे हैं।

विज्ञापन


संवाद टीम ने स्टेडियम में पड़ताल की। यहां दोनों गेटों पर सुरक्षाकर्मी नहीं मिले। बेरोकटोक स्टेडियम में आवाजाही हो रही थी। इसके बाद शौचालय में जाकर देखा तो उसके हालात दयनीय मिले। यूरिनल के पाइप टूटे मिले। शौचालय में गंदगी का अंबार मिला। दरवाजों की कुंडी टूटी और बिजली बोर्ड क्षतिग्रस्त मिले। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रोज इसी गंदगी से रूबरू होते हैं। चौकाने वाली बात यह थी कि शौचालयों के फ्लश, रोशनदान, बाथरूम में प्रयोग की गई सिरिंज व इंजेक्शन की खाली शीशी पड़ी मिली।

बता दें कि स्टेडियम में प्रशिक्षण ले चुके दो एथलीट पहले डोप में पकड़े जा चुके हैं। उन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। जिला क्रीड़ा अधिकारी ने बीते राष्ट्रीय खेल से पहले स्टेडियम में व्यवस्था सुधारने की बात कही थी लेकिन अब तक भी इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

आखिर कौन लगा रहा इंजेक्शन
सूत्रों के मुताबिक स्टेडियम में करीब तीन सौ प्रोफेशनल खिलाड़ी पंजीकृत हैं। इनके अलावा यूपी के युवक भी स्टेडियम में बिना अनुमति के पहुंच रहे हैं। मना करने के बाद भी वह पहुंच जाते हैं। प्रशासन और विभाग भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। युवा इंजेक्शन का सहारा लेकर ताकत बढ़ाने में लगे हैं।

 

पूर्व में सभी कोचों की बैठक कर जरूरी निर्देश दिए थे। स्टेडियम प्रभारी महेश्वर नेगी को भी इस पर सख्ती करने के लिए कहा गया। स्टेडियम के शौचालय में सिरिंज मिलना गलत है। इंजेक्शन का प्रयोग होने की भी जानकारी ली जाएगी। मामले को दिखवाया जाएगा। - जानकी कार्की, जिला क्रीड़ाधिकारी, ऊधमसिंह नगर

मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी लेकर इसे दिखवाया जाएगा। अगर ऐसा हो रहा है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अमित सिन्हा, प्रमुख सचिव खेल

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें