पांच दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अभिषेक वाल्मीकि की मौत ने सात अगस्त के हादसे के बाद वाल्मीकि समाज में गम और गुस्से की लहर है। तीन दिन तक कोतवाली में प्रदर्शन के बाद पुलिस इस मामले के मुख्य आरोपी सन्नी चुघ को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि अभिषेक के परिजनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए कानून के तहत जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी उसे सुनिश्चित किया जाएगा।
बीते सात अगस्त की रात एलायंस कॉलोनी गेट के पास फ्लाईओवर पर स्कॉर्पियो की टक्कर से अभिषेक और उसका दोस्त जतिन घायल हुए थे। अभिषेक को गंभीर हालत में बरेली रेफर किया गया था। अभिषेक के स्वस्थ होने के लिए परिवार के साथ पूरा शहर दुआ कर रहा था। हादसे के बाद से लोग उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे। परिजनों को उम्मीद थी कि बरेली के अस्पताल में उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार होगा और वह घर लौट आएगा। चिकित्सकों के प्रयास और परिजनों की उम्मीद के बीच कई दिन गुजर गए लेकिन उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
आखिरकार बृहस्पतिवार को ऋषिकेश एम्स ले जाते समय उसकी मौत हो गई। जतिन का उपचार अभी चल रहा है। अब अभिषेक की मौत के बाद पुलिस के सामने मामले की जांच के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की भी चुनौती है।
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मामले में मुख्य आरोपी की पहले ही गिरफ्तारी की जा चुकी है। अन्य लोगों की भूमिका भी साक्ष्यों के आधार पर जांची जा रही है। पुलिस पूरी निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करेगी। परिजनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए कानून के तहत जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी उसे सुनिश्चित किया जाएगा। शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। -उत्तम सिंह नेगी, एसपी सिटी, रुद्रपुर
पुलिस-प्रशासन के खिलाफ दिखा था आक्रोश
अभिषेक के घायल होने के बाद वाल्मीकि समाज के लोगों और कई जनप्रतिनिधियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार तीन दिन तक कोतवाली पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई गई। बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने भाजपा से निष्कासित पारस चुघ के भाई सन्नी चुघ को गिरफ्तार किया था।
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