खटीमा। सितारगंज में तीन साल पहले एक युवक की हत्या के मामले में दोषी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंजू सिंह मुंडे की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
गणेश कॉलोनी, सितारगंज निवासी कमला देवी ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया कि उसके पति रज्जन सैनी 26 अप्रैल 2023 की सुबह टीचर कॉलोनी सितारगंज के सामने मजदूरी करने के लिए इंतजार कर रहे थे। तभी वहां पर मजदूर तौफिक अहमद और हनीफ में आपस में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।
उसके पति रज्जन सैनी बीचबचाव करने के लिए गए। इसी बीच गुस्साए हनीफ ने पास की मीट की दुकान से छुरी लेकर रज्जन सैनी का गला रेत कर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्यारोपी हनीफ के विरुद्ध खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दो जुलाई 2023 को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने 10 गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंजू मुंडे ने चिंतीमझरा सितारगंज निवासी मो. हनीफ को दोषी मानते हुए धारा 302 और 307 आईपीसी में आजीवन कारावास, 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई, धारा 506 आईपीसी में एक साल की सजा व दो हजार रुपये व धारा 4/25 में छह माह की सजा व दो हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।