खांसी-बुखार के मामलों में इजाफा, टीबी जांच कराने वालों की संख्या बढ़ी
रुड़की। मौसम में हो रहे बदलाव से इन दिनों अस्पतालों में वायरल संक्रमण, खांसी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके साथ ही लंबे समय से खांसी और कमजोरी से परेशान लोग टीबी की जांच कराने के लिए भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
सिविल अस्पताल में रोजाना खांसी, बुखार, गले में खराश, बदन दर्द और सर्दी-जुकाम की शिकायत लेकर मरीज सुबह से ही इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। सिविल अस्पताल के डॉ़ मशरूफ अली ने बताया कि दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड के कारण लोगों की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है जिससे वायरल फैल रहा है। कई मरीजों में खांसी दो-तीन सप्ताह तक रहने की शिकायत भी सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों को लगातार दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, वजन कम होना, भूख न लगना या हल्का बुखार बना रहता है, उन्हें टीबी की जांच कराने की सलाह दी जा रही है। बताया कि जहां पहले उनकी ओपीडी में इन मरीजों की संख्या 10 प्रतिशत थी। वह अब 30 से 40 प्रतिशत तक पहुंच रही है। इनमें 2-3 टीबी के मरीज शामिल हैं।
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चिकित्सक की सलाह, मौसम बदलने के दौरान लोग अपनी सेहत का रखे विशेष ध्यान
ठंडी और धूलभरी जगहों से बचें।
साफ-सफाई का ध्यान रखें।
खांसते या छींकते समय मुंह ढकें।
लगातार खांसी या बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बिना सलाह के दवाइयां न लें।