शहीद दुर्गामल्ल पीजी कॉलेज में वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से राज्य के 21 महाविद्यालयों की फैकल्टी को दक्ष करने के लिए तीन दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हो गया है। इसका मूल उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा का तराशना है।
उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रो. एनएस उनियाल ने कहा कि कौशल विकसित कर विद्यार्थियों को एक नई दिशा प्रदान की जा सकती है। ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम दूरगामी लाभ देगे। प्रशिक्षक शिखा आर्य ने नोडल अधिकारी और प्राध्यापकों को संवाद कौशल, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, समालोचनात्मक चिंतन, समय प्रबंधन, समस्या समाधान और व्यावसायिक शिष्टाचार जैसी क्षमताओं के विकास के बारे में बताया। नोडल अधिकारी फिरोज इकबाल ने बताया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को प्रभावी ढंग से संभालने की मानसिक तैयारी प्रदान करेगा।
नई शिक्षा नीति का मूल दर्शन, ज्ञान, कौशल और मूल्य आधारित समग्र शिक्षा है। प्राचार्य डॉ. देवेश प्रसाद भट्ट ने कहा कि शिक्षा के नवाचारों से ही समाज को एक नई दिशा और दशा प्रदान किया जा सकता है। इस दौरान प्रो. प्रमोद कुमार डोबरियाल, डॉ. राखी पंचोला आदि मौजूद रहे।