-जलभराव के बीच अंधेरे में आवाजाही को मजबूर मरीज और तीमारदार, सोलर प्लांट का काम भी अधूरा
- 250 केवी प्लांट का काम महीनों से लंबित, रोशनी के अभाव में मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
अधूरे सोलर प्लांट के बीच रात में अंधेरे में डूब रहा उप जिला चिकित्सालय
ऋषिकेश। उप जिला चिकित्सालय की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए लगाया जा रहा 250 केवी क्षमता का सोलर प्लांट महीनों बाद भी पूरा नहीं हो सका है। लाखों रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस प्लांट का काम लंबित होने के बीच अस्पताल परिसर के कई हिस्से रात में अंधेरे में डूब रहे हैं। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रात के समय परिसर के कई हिस्सों में रोशनी पर्याप्त नहीं है। बरसात में जलभराव वाले स्थानों पर अंधेरा होने से फिसलने और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। बिजली गुल होने की स्थिति में समस्या और गंभीर हो जाती है। वहीं, अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों के परिसर में प्रवेश की आशंका भी बनी रहती है।
अस्पताल प्रशासन ने बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए सोलर प्लांट शुरू होने के बाद स्थिति में सुधार की बात कही थी। हालांकि, कई महीनों से काम चलने के बावजूद प्लांट अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते अस्पताल को वैकल्पिक ऊर्जा व्यवस्था का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में प्रकाश व्यवस्था की कमी मरीजों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंता का विषय बनी हुई है। अब सोलर प्लांट का काम पूरा होने और परिसर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था बहाल होने का इंतजार है।
- खराब स्ट्रीट लाइट को जल्द ठीक करा लिया जाएगा, जल्द सोलर प्लांट का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। - डॉ आनंद सिंह राणा, सीएमएस उपजिला चिकित्सालय, ऋषिकेश