पिथौरागढ़। आखिरकार सीमांत जिले का मिताड़ीगांव प्राथमिक विद्यालय फिर से बिजली से रोशन हो गया है। यूपीसीएल ने जिस कनेक्शन को अवैध करार देते हुए काट दिया था उसे फिर से जोड़ दिया गया है। बिजली कनेक्शन जुड़ने से विद्यार्थियों के साथ ही स्कूल प्रबंधन को राहत मिली है। अब नौनिहालों को अंधेरे कक्षों में नहीं पढ़ना होगा।
दरअसल, मिताड़ीगांव प्राथमिक विद्यालय को वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्र बनाया गया तो यूपीसीएल ने तत्परता दिखाते हुए यहांबिजली का कनेक्शन देते हुए मीटर भी लगाया। कनेक्शन लगने से इस विद्यालय को यू-डायस के रिकाॅर्ड में बिजली से रोशन होने वाले विद्यालयों की सूची में दर्ज किया गया। नौ साल तक विद्यालय बिजली से रोशन रहा। बीते दिनों यूपीसीएल ने इस कनेक्शन को अवैध करार देते हुए काट दिया।
कनेक्शन कटने से इस विद्यालय में 15 से अधिक विद्यार्थी अंधेरे कक्षों में पढ़ने के लिए मजबूर हो गए। शिक्षा विभाग की तरफ से वर्ष 2011 में बिजली कनेक्शन के लिए शुल्क जमा करने के बाद भी इसे काटने पर सवाल उठने शुरू हुए। संवाद न्यूज एजेंसी ने इस मामले को चार फरवरी के अंक में चुनाव के समय लगा बिजली कनेक्शन नौ साल बाद हो गया अवैध शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया।
खबर प्रकाशित होते ही यूपीसीएल ने स्कूल पहुंचकर फिर से बिजली का कनेक्शन जोड़ दिया है। बिजली आपूर्ति बहाल होने से नौनिहालों के साथ ही विद्यालय प्रबंधन को राहत मिली है। प्रधानाध्यापक प्रेम बल्लभ कापड़ी ने बताया कि उन्होंने यूपीसीएल को संबंधित सभी दस्तावेज दिखाए जिसके बाद कनेक्शन लगा दिया गया है। प्रधानाध्यापक ने समस्या को उठाने के लिए संवाद न्यूज एजेंसी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि अब नौनिहालों को अंधेरे कक्षों में पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी।
फिलहाल पुराना मीटरर लगा, जल्द लगेगा नया
प्रधानाध्यापक प्रेम बल्लभ कापड़ी ने बताया कि यूपीसीएल ने फिलहाल विद्यालय में पुराना मीटर लगा कर बिजली आपूर्ति बहाल की है। उन्होंने बताया कि यूपीसीएल की तरफ से जल्द नया मीटर लगाने और बिल भेजने की बात कही गई है।