धारचूला हाईवे पर नैनीपातल के पास तैनात पुलिस कर्मी और किया गया चूने का छिड़काव। संवाद
पिथौरागढ़। आखिरकार धारचूला हाईवे पर नैनीपाताल के पास चूने का छिड़काव शुरू होने से पाले में फिसलन का खतरा कम हुआ है। पुलिस ने वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए यहां बैरिकेडिंग भी लगाई है। सिस्टम की इस पहल से पाला प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही सुरक्षित हुई है।
जिले की सड़कों पर इन दिनों जमकर पाला गिर रहा है। धारचूला हाईवे पर नैनीपातल के पास पाला अधिक गिरने से आए दिन वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे थे। बीते चार दिन के भीतर 10 से अधिक वाहनों की फिसलने के कारण टक्कर हो गई जिसमें कई वाहन स्वामियों को नुकसान भी झेलना पड़ा। इसके अलावा एक बाइक और स्कूटी फिसलने से चोटिल हुए चालकों को अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
आए दिन हो रही दुर्घटनाओं से सिस्टम ने कोई सबक नहीं लिया तो संवाद न्यूज एजेंसी ने इस मामले को बुधवार के अंक में पालाग्रस्त सड़क पर सुरक्षा के दावे फिसले शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होते ही बीआरओ ने हाईवे पर पालाग्रस्त स्थानों पर चूने का छिड़काव शुरू कर दिया। सुबह के समय बीआरओ कर्मी नैनीपताल के पास पहुंचे और चूने का छिड़काव कर वाहन चालकों के साथ ही यात्रियों को राहत पहुंचाई।
पुलिस ने लगाई बैरिकेडिंग
मैदानी क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालकों को नैनीपातल के पास पाला गिरने की जानकारी नहीं होती। ऐसे में कई वाहन चालक हाईवे पर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं। पाला गिरने से तेज रफ्तार वाहनों के फिसलने की अधिक आशंका रहती है। इसे देखते हुए पुलिस ने नैनीपाताल में हाईवे पर बैरिकेडिंग लगाई है। जाजरदेवल के थानाध्यक्ष मनोज पांडे ने कहा कि बैरिकेडिंग से वाहनों की गति नियंत्रित होगी और दुर्घटना का खतरा भी कम होगा। उन्होंने बताया कि इस स्थान पर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है।
कोट
बीआरओ को हाईवे पर पालाग्रस्त स्थानों पर चूने का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यदि पाले में फिसलने से कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - योगेंद्र सिंह, एडीएम, पिथौरागढ़