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Pithoragarh News: भोजनमाताएं गरजीं, मांगों के समर्थन में कार्यकर्ताओं का कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन

Tue, 03 Feb 2026 01:18 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी

सार

पिथौरागढ़ में मानदेय और उत्पीड़न के खिलाफ भोजनमाताओं ने कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान दो भोजनमाताएं बेहोश हो गईं।
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पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करतीं भोजनमाताएं। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पिथौरागढ़ जिले में हमें बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। स्कूलों में हमसे शौचालय भी साफ करवाए जा रहे हैं। विभाग और स्कूल प्रबंधन हमारा उत्पीड़न कर रहा है। यह कहना है भोजनमाताओं का। जिले भर की भोजनमाताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने के दौरान दो भोजनमाताओं की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। साथियों ने पानी और जूस पिलाया तब जाकर उनका स्वास्थ्य ठीक हुआ।

सोमवार को संगठन की अध्यक्ष जानकी भंडारी के नेतृत्व में जिलेभर की भोजनमाताएं कलक्ट्रेट पहुंचीं और प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से 18 हजार मानदेय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित करने, साल में दो पोषाक और जूते देने, 12 महीने का मानदेय देने और साल में 10 अवकाश देने की मांग कर रही हैं। सरकार इसके लिए गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें सम्मानजनक मानदेय देने से तो हाथ पीछे खींचे जा रहे हैं। साथ ही स्कूलों में उनका उत्पीड़न भी किया जा रहा है।

भोजनमाताओं ने कहा कि उन्हें बच्चों के लिए मिड-डे-मील तैयार करने के लिए नियुक्त किया गया है लेकिन उनसे स्कूलों में शौचालयों की सफाई भी कराई जा रही है। स्कूल बंद होने पर भोजनमाता को सेवा से बाहर कर दिया जाता है। इस दौरान भोजनमाताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। प्रदर्शन करने वालों में रेनू भंडारी, कमला पंत, सरोज कापड़ी, सुनीता देवी, पार्वती देवी, मीना देवी, लक्ष्मी देवी, सुनीता बिष्ट, पूजा चंद, नंदा देवी, आनंदी देवी सहित कई भोजनमाताएं शामिल रहीं। धरने पर बैठीं भोजनमाता चंपा देवी और सुमित्रा देवी बेहोश हो गईं इससे अन्य में अफरा-तफरी मच गई। साथियों ने दोनों को जूस और पानी पिलाया तब जाकर वे होश में आईं और उन्हें घर पहुंचाया गया।

धरना देने के लिए शिक्षक ले रहे अवकाश, हमें रोका गया

भोजनमाताओं ने स्कूल प्रबंधनों पर अवकाश न देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शिक्षक आए दिन आंदोलन कर रहे हैं। इसके लिए विभाग उन्हें अवकाश दे रहा है। जब हमने अपनी समस्याएं सार्वजनिक करने के लिए जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करने को अवकाश मांगा तो स्कूल प्रबंधन ने कई भोजनमाताओं को रोक दिया, उन्हें अवकाश नहीं दिया गया। यह भी भोजनमाताओं का उत्पीड़न है।

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