मुख्यालय के वन प्रभाग वनाग्नि के लिए सबसे संवदेनशील, अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
पौड़ी। गढ़वाल वन प्रभाग के अंतर्गत विभिन्न जंगलों में लगी आग अब जिला मुख्यालय के सघन आरक्षित वन क्षेत्र तक भी पहुंच गई है। जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं के मामले में गढ़वाल और सिविल सोयम वन प्रभाग पौड़ी सबसे संवेदनशील बने हुए हैं। वहीं सिविल वन क्षेत्र के जंगलों में आग लगाने के मामले में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सोमवार को पौड़ी रेंज नागदेव से सटे आरक्षित वन क्षेत्र सुबह से ही धधकना शुरू हो गया। बताया जा रहा है पौड़ी- कोटद्वार रोड पर गल्ला गोदाम मोहल्ले के समीप आग बीते रविवार रात से लगी जिसके चलते सुबह से ही पूरे क्षेत्र में धुएं की धुंध छाई रही। वनाग्नि को बुझाने के लिए वन कर्मी भी जूझते नजर आए।
वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अभी तक 53 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं जिसमें 82.2 हेक्टेयर में जंगल जले। सर्वाधिक 28 वनाग्नि की घटनाएं गढ़वाल वन प्रभाग और 23 घटनाएं सिविल सोयम वन प्रभाग पौड़ी में दर्ज हुईं जिससे करीब 81 हेक्टेयर में जंगल जले। वहीं लैंसडौन वन प्रभाग कोटद्वार में महज दो जबकि भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन और अतिरिक्त भूमि संरक्षण वन प्रभाग रामनगर में आग की कोई घटना दर्ज नहीं हुई। डीएफओ सिविल सोयम पंकज नेगी ने बताया कि जंगल में आग लगाने पर केवर्स पैडुलस्यूं में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।