पिछले माह सेकेंड हैंड स्काॅर्पियो कार लेने के बाद परिवार के साथ बाबा नीम करौरी महाराज के दर्शन के लिए जा रहे परिवार को कैंची धाम रोड पर हुए हादसे में ताउम्र का दर्द मिला है। बृहस्पतिवार सुबह बरेली से कैंची धाम जा रहे राहुल पटेल ने एक ही झटके में मां, पत्नी और साली को खो दिया। एक हादसे में कई रिश्तों की डोर टूट गई। 145 किमी का सफर तय करके भवाली पहुंचे राहुल हादसे के बाद बेहद भावुक थे। उन्होंने बताया कि परिजनों ने बाबा नीम करौरी महाराज के दर्शन करने की इच्छा जताई थी।
तीखे मोड़ों पर ड्राइविंग पड़ रही जान पर भारी
मैदानी इलाकों में सीधी सड़कों पर सफर करने वाले लोगों को पर्वतीय इलाकों में ड्राइविंग करना भारी पड़ रहा है। यही कारण है कि हल्द्वानी से ऊपर भीमताल, भवाली, कैंची धाम, रामगढ़ और ज्योलीकोट आदि इलाकों में वाहनों के खाई और नदी में गिरने के मामले बढ़ रहे हैं। इनमें कई सैलानी अपनी जान गंवा चुके हैं। आरटीओ अरविंद कुमार पांडे हादसे रोकने के लिए विभागीय टीम शुक्रवार से रानीबाग में तैनात की जाएगी। टीम निजी वाहन चालकों को पहाड़ पर ड्राइविंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानी के बारे के संबंध में जागरूक करेगी।
फिर उठा डॉक्टरों की कमी का मुद्दा
भवाली में बृहस्पतिवार को सड़क हादसे में घायल सैलानियों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवाली लाया गया लेकिन अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते घायल सैलानियों को प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी रेफर करना पड़ा। हादसे में घायल महिलाओं के लिए महिला डॉक्टर नहीं होने से दिक्कत हुई। इस पर परिजनों ने भी सवाल उठाए।