रोजाना स्कूल जाते-आते वक्त छात्र-छात्राएं डंपर और भारी वाहनों की रफ्तार से डरे सहमे रहते हैं। घर और स्कूल से निकलते छात्र छात्राओं को ही नहीं बल्कि उनके अभिभावकों को भी अनहोनी का भय सताता रहता है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला से हुए संवाद में अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों ने कहा कि सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन बेलगाम होकर दौड़ रहे हैं। ऐसे में उन्हें सड़क पार करने में डर लगता है। विद्यार्थियों का कहना है कि डंपर और भारी वाहनों के आने जाने का समय और रफ्तार दोनों तय होने चाहिए।
अधिकतर स्कूल नैनीताल रोड से लगे हुए हैं। यहां सुबह शाम गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ती हैं। कई बार डंपर और भारी वाहन भी गुजरते हैं। इससे स्कूल आते जाते समय हादसों का खतरा बना रहता है। इनके लिए नियम बनने चाहिए।
- गरिमा पंत कक्षा 11
स्कूल खुलने और बंद होने के दौरान स्कूलों के आगे सड़क पर यातायात पुलिस की ड्यूटी लगनी चाहिए क्योंकि मोटरमार्ग पर तेज रफ्तार डंपर और भारी वाहन दौड़ते रहते हैं। इससे सड़क पार करने में डर लगता है।
- सृष्टि परिहार कक्षा 11
सड़क पार करते समय वाहनों की तेज रफ्तार से डर लगता है। कई बार ट्रक व डंपरों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि तेज धूल उड़ती है जिससे बच्चों को दिक्कतें होती हैं। स्कूलों के आसपास स्पीड ब्रेकर बनाए जाने चाहिए।
- भाविका मेलकानी कक्षा नौ
सुबह और दोपहर में स्कूल आते जाते भारी वाहन और डंपरों का डर बना रहता है। कई बार डंपर गलियों में भी घुस जाते हैं। इससे आवाजाही तो प्रभावित होती ही है साथ ही हादसों का भी खतरा बना रहता है।
-ह्रदय राठौर कक्षा 11
अधिकतर वाहन चालक यातायात के नियमों का पालन नहीं करते हैं और तेज रफ्तार गाड़ियां दौड़ाते हैं। कई बार डंपर और ट्रक भी हवा की सी तेज रफ्तार दौड़ते हैं। इनकी रफ्तार पर नियंत्रण होना चाहिए ताकि कभी कोई हादसा न हो।
-सुविज्ञ जैन कक्षा 9
ट्रक व डंपरों के दिन में मुख्य मार्गों में चलने पर रोक लगनी चाहिए। दिनभर सड़कों पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में यदि ट्रक या डंपर सड़क पर आ जाएं तो उससे जाम लगता है और हादसा होने का खतरा बना रहता है।
- जायना अली कक्षा 9
हर दिन कहीं न कहीं कोई ट्रक अथवा डंपर के हादसे का शिकार होता है। यह सब बंद होना चाहिए। इसके लिए सरकार ठोस नियम बनाए ताकि आम लोगों के साथ साथ स्कूली बच्चों की भी सुरक्षा सुनिश्चित हो।
-रश्मि बिष्ट कक्षा 9