प्रदेश सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए पर्यटन को एक प्रमुख इंजन के रूप में विकसित करने के लिए योजनाएं बनाई हैं। इसी क्रम में नैनीताल जिले में इको-टूरिज्म, होमस्टे और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए पर्यटन विभाग अब नैनीताल में नए पर्यटन स्थल को विकसित करने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नए वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया। इसमें उन्होंने पर्यटन क्षेत्रों को विकसित करने पर जोर दिया है। इसी क्रम में जिले में होमस्टे व इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। यह पहल पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और जीवन शैली का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत खुलेंगे। इको-टूरिज्म के माध्यम से प्रकृति संरक्षण और टिकाऊ पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए वाटरफॉल के पास सौंदर्यीकरण होगा और दुकानों का आवंटन होगा। वहीं, एडवेंचर टूरिज्म के लिए बंजी जंपिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग, ट्रेकिंग आदि को विकसित करने की भी योजना है। कोसी नदी में सीजन के दौरान रिवर राफ्टिंग कराई जाएगी। इन गतिविधियों के विकास से युवा पर्यटकों को आकर्षित करने और जिले को एक रोमांचक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। इस पहल के तहत, राज्य में पर्यटन से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है जिसका उद्देश्य न केवल पर्यटकों को आकर्षित करना है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करना है।
गोलू देवता और हनुमानगढ़ मंदिर का होगा कायाकल्प
राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई प्रमुख परियोजनाओं में मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत नयना देवी मंदिर का जीर्णोद्धार चल रहा है। वहीं, दूसरे चरण में घोड़ाखाल में श्री गोलू देवता मंदिर और हनुमानगढ़ मंदिर का भी जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले मंदिरों को जोड़ना और उनका कायाकल्प करना है जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
पर्यटन क्षेत्र के लिए बजट आवंटित
पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार ने बजट आवंटित किया है। वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व व्यय 210 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है जो विभिन्न योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए उपयोग किया जाएगा। पूंजीगत व्यय के लिए 296 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि नई परियोजनाओं के निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और मौजूदा सुविधाओं के उन्नयन पर खर्च की जाएगी।
जिले में एडवेंचर टूरिज्म पर काम चल रहा है। नई चीजें और भी जल्द शुरू की जाएंगी। ऐसे पर्यटक स्थल जहां सैलानी कम पहुंचते हैं, उन्हें विकसित करके उनका प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि टूरिस्टों का रुझान उन इलाकों में बढ़ें। बंजी जंपिंग, रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियां भी शुरू करने की योजना है।- अतुल भंडारी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, नैनीताल